Skip to content

Summer आई पर कुछ रास न आई

June 11, 2011

Mohan, mdashf


Summer आई पर कुछ रास न आई

जींदगी की खुशियाँ हमें कुछ खास न आई

मिलती रही खुशियाँ पल भर की, यहाँ वहां घुमने की ख्वाहिश में

लेकिन बदकिस्मती की तौहीन करते हमें साँस न आई

 

कुछ ऐसे पल भी आए जो यादों के परछाइओं को समेटने में लग गए

अपनी सूरत की हाल बताते हुए मुझे पल भर की प्यास न आई

 

जीवन की तन्हाईआँ रंगोली में भी बदलते रहे

जुबाँ पे मिठास और प्यार सब को पसंद आई

खुशहाली आए और उनके बिदाई भी आई

पर कुछ बारिश के साथ और कुछ अपनों के हाथ लुट गए

सब की कदर करना ये मेरी फिदरत कभी न थी

पर वक्त ने भी क्या रेशम बिछाई

मिले उनसे जो तकलीफ को और आंसुओं को उभरते देखा

सब की मेहफिल में मुझे Physics ज्यादा याद आई

No comments yet

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: